हर महीने घर बैठे पक्की आमदनी: पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम समझिए आसान भाषा में
जयपुर के प्रकाश जी 60 की उम्र में school से retire हुए। Gratuity और PF मिलाकर हाथ में आए करीब ₹12 लाख। बेटा बोला "papa, ye paisa mutual fund me laga do, badhega", पर प्रकाश जी को हर महीने घर का खर्च — बिजली का bill, दवाइयां, राशन — चलाने के लिए पक्की आमदनी चाहिए थी, "badhega" वाली उम्मीद नहीं। Bank FD में डाला तो ब्याज या तो साल के आखिर में मिलता, या बीच में निकालो तो penalty। फिर post office के एक पुराने दोस्त ने बताया — Monthly Income Scheme (MIS)। उन्होंने ₹9 लाख MIS में डाले, और अब हर महीने उनके savings account में ₹5,550 ब्याज आ जाता है — बिल्कुल salary की तरह, बस बिना नौकरी के।
अगर आप भी ऐसा कोई safe option ढूंढ रहे हैं जहां पैसा एक बार डालो और हर महीने पक्की आमदनी आती रहे — तो ये लेख आपके लिए है। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम 2026 में ब्याज दर कितनी है, हर महीने कितना पैसा मिलेगा, कौन खाता खोल सकता है, ₹9 लाख और ₹15 लाख की सीमा का क्या मतलब है, टैक्स कैसे लगेगा, और 5 साल बाद क्या होगा — सब कुछ एक ही जगह, आसान भाषा में।
इस लेख में:
- MIS क्या है?
- 2026 में ब्याज दर कितनी है?
- हर महीने कितना पैसा मिलेगा?
- MIS खाता कौन खोल सकता है?
- कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
- खाता कैसे खोलें? दस्तावेज़ क्या चाहिए?
- ब्याज कब-कब मिलेगा?
- 5 साल बाद खाते का क्या होगा?
- समय से पहले बंद करना हो तो?
- टैक्स के नियम समझिए
- MIS vs SCSS vs Bank FD — कौन बेहतर?
- Double engine strategy: आमदनी को और बढ़ाइए
- ये 5 गलतियां मत करना
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आधिकारिक स्रोत
MIS क्या है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम — official नाम National Savings Monthly Income Account — केंद्र सरकार की small savings scheme है। Concept बिल्कुल सीधा है: आप एकमुश्त पैसा post office में जमा करते हैं, और हर महीने उस पर ब्याज आपके savings account में आ जाता है। 5 साल तक हर महीने पक्की आमदनी, और maturity पर पूरा मूलधन वापस।
इसकी सबसे बड़ी ताकत sovereign guarantee है — पैसा भारत सरकार के पास जमा है, डूबने का सवाल ही नहीं। Bank FD में ₹5 लाख तक का DICGC insurance होता है, पर MIS में सरकार खुद गारंटी देती है।
और एक बड़ा फर्क जो बहुत कम लोग जानते हैं: SCSS सिर्फ 60+ वालों के लिए है, पर MIS में कोई age limit नहीं। 25 साल का नौजवान भी खोल सकता है, पति-पत्नी joint में भी, और 10 साल से ऊपर का minor भी। यानी monthly income चाहने वाला कोई भी — retiree हो या young earner — इसका फायदा उठा सकता है।
2026 में ब्याज दर कितनी है?
सबसे पहला सवाल — MIS me kitna byaj milta hai? जवाब: 7.4% सालाना।
ये दर अक्टूबर-दिसंबर 2026 quarter के लिए है। 30 सितंबर 2026 को Finance Ministry के Department of Economic Affairs ने office memorandum जारी करके सभी small savings schemes की दरें unchanged रखीं — MIS की दर लगातार कई तिमाहियों से 7.4% पर स्थिर है।
एक बात साफ रहे: MIS में ब्याज दर floating होती है — सरकार हर तिमाही review करती है। SCSS की तरह खाता खोलने के दिन की दर 5 साल के लिए lock नहीं होती। पर व्यवहार में दर लंबे समय से स्थिर है, और sovereign guarantee के साथ 7.4% monthly payout आज भी ज़्यादातर bank FD से बेहतर है।
हर महीने कितना पैसा मिलेगा?
MIS का सबसे attractive हिस्सा — monthly payout का सीधा गणित। Formula याद रखिए: मासिक ब्याज = जमा रकम × 7.4 ÷ 1200।
| जमा रकम | हर महीने ब्याज | सालाना ब्याज |
|---|---|---|
| ₹1,00,000 | ₹617 | ₹7,400 |
| ₹3,00,000 | ₹1,850 | ₹22,200 |
| ₹4,50,000 | ₹2,775 | ₹33,300 |
| ₹5,00,000 | ₹3,083 | ₹37,000 |
| ₹9,00,000 | ₹5,550 | ₹66,600 |
| ₹13,50,000 | ₹8,325 | ₹99,900 |
| ₹15,00,000 (joint) | ₹9,250 | ₹1,11,000 |
प्रकाश जी वाले example पर वापस आइए — उन्होंने ₹9 लाख डाले थे: ₹9,00,000 × 7.4 ÷ 1200 = ₹5,550 हर महीने। 5 साल में कुल ₹3,33,000 ब्याज, और maturity पर ₹9 लाख मूलधन अलग से वापस। यानी ₹9 लाख के 5 साल में कुल ₹12,33,000 हाथ में — बिना कोई risk लिए।
एक और popular calculation: पति-पत्नी joint में ₹15 लाख डालें तो ₹9,250 हर महीने — साल में ₹1,11,000। छोटे शहर में एक couple का महीने का बुनियादी खर्च इसी से निकल आता है।
MIS खाता कौन खोल सकता है?
MIS की eligibility सबसे flexible है — कोई age barrier नहीं:
- 18 साल या उससे ऊपर का कोई भी भारतीय नागरिक — single account खोल सकता है।
- Joint account — 2 या 3 adults मिलकर खोल सकते हैं।
- 10 साल से ऊपर का minor — अपने नाम पर खाता खोल सकता है।
- 10 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए — guardian (माता-पिता) खाता खोल सकता है।
ध्यान देने वाली बात: guardian के तौर पर minor के लिए खोला गया खाता अलग limit में गिना जाता है — यानी आपके अपने ₹9 लाख की सीमा इससे प्रभावित नहीं होती। यही वजह है कि पूरे परिवार की strategy में minor accounts अलग से काम आते हैं (नीचे strategy section में detail)।
NRI MIS खाता नहीं खोल सकते — ये सिर्फ resident Indians के लिए है।
कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
न्यूनतम: ₹1,000 — और उसके बाद ₹1,000 के गुणज में (₹2,000, ₹5,000, ₹10,000...)।
अधिकतम:
- Single account: ₹9 लाख
- Joint account: ₹15 लाख
ये सीमाएं Budget 2023 में दोगुनी की गई थीं — पहले single में ₹4.5 लाख और joint में ₹9 लाख थी।
Joint account के share rules समझ लीजिए — ये बहुत important है:
- 2 holders हों तो हर एक का share आधा (₹15 लाख पर हर एक के ₹7.5 लाख)
- 3 holders हों तो हर एक का share एक-तिहाई
और सबसे ज़रूरी नियम: एक व्यक्ति के सभी MIS खातों की जमा + joint accounts में उसका share — सब मिलाकर ₹9 लाख से ऊपर नहीं होना चाहिए। यानी आप single में ₹9 लाख डाल चुके हैं, तो किसी joint account में और नहीं डाल सकते।
एक खाते में सिर्फ एक ही बार deposit होता है — बाद में top-up नहीं कर सकते। ज़्यादा पैसा लगाना हो तो दूसरा खाता खोलना पड़ेगा (सीमा के अंदर)।
एक hidden trap: अगर गलती से सीमा से ज़्यादा जमा हो गया, तो extra रकम refund कर दी जाती है — और refund होने तक उस पर सिर्फ post office savings account वाला 4% ब्याज मिलता है, 7.4% नहीं। इसलिए जमा करते वक्त अपनी कुल सीमा का हिसाब ज़रूर रखें।
खाता कैसे खोलें? दस्तावेज़ क्या चाहिए?
MIS खाता किसी भी post office में खुलता है। Process simple है:
- नज़दीकी post office जाएं और MIS account opening form लें।
- Form भरें — single या joint, nominee का नाम ज़रूर लिखें।
- ये दस्तावेज़ लगाएं:
- आधार कार्ड (ID + address proof)
- PAN card
- Passport size photo (2)
- जमा रकम का cheque या pay order
- Minimum ₹1,000 से खाता खुल जाता है।
Nomination खाता खोलते वक्त भी दे सकते हैं, बाद में भी add कर सकते हैं — पर पहले दिन ही दे देना सबसे safe है।
एक सुविधा: MIS खाता एक post office से दूसरे post office में transfer हो सकता है — शहर बदलने पर खाता बंद करने की ज़रूरत नहीं।
ब्याज कब-कब मिलेगा?
ब्याज खाता खोलने की तारीख से एक महीना पूरा होने पर मिलना शुरू होता है, और फिर हर महीने उसी तारीख के आसपास। जैसे 10 तारीख को खाता खोला, तो हर महीने 10 तारीख के आसपास ब्याज credit होगा।
ब्याज लेने के दो तरीके:
- उसी post office के savings account में auto-credit
- ECS के ज़रिए आपके bank account में
Practical tip: auto-credit ज़रूर लगवाएं। वजह — अगर आप monthly ब्याज claim नहीं करते और वो MIS account में पड़ा रहता है, तो उस पर कोई extra ब्याज नहीं मिलता। पड़ा हुआ पैसा बेकार पड़ा रहता है। Auto-credit से हर महीने पैसा savings account में आ जाएगा, जहां से आप खर्च करें या आगे invest करें।
एक और tip: महीने की शुरुआत में खाता खोलना थोड़ा फायदेमंद रहता है — पहला payout जल्दी मिलता है।
5 साल बाद खाते का क्या होगा?
MIS की maturity 5 साल है। 5 साल पूरे होने पर पूरा मूलधन वापस मिलता है।
यहां एक बहुत ज़रूरी फर्क समझिए — SCSS को 3-3 साल के blocks में extend किया जा सकता है, पर MIS extend नहीं होता। 5 साल बाद खाता अपने आप आगे नहीं बढ़ेगा।
Maturity पर आपके पास दो options:
- पैसा निकाल लें — पूरा मूलधन वापस, कोई penalty नहीं।
- नया MIS खाता खोल लें — उसी पैसे से, उस समय चल रही ब्याज दर पर।
और अगर आप maturity पर खाता बंद करना भूल गए? तो रकम post office में पड़ी रहेगी, पर उस पर सिर्फ savings account वाला 4% ब्याज मिलेगा — 7.4% नहीं। इसलिए maturity date को diary या mobile reminder में ज़रूर लिख लें। 5 साल लंबा समय है, तारीख भूलना आसान है — और भूलने की कीमत 3.4% सालाना का नुकसान है।
समय से पहले बंद करना हो तो?
Emergency में MIS खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है, पर शर्तों के साथ:
| कब बंद किया | Penalty | मतलब |
|---|---|---|
| 1 साल से पहले | बंद नहीं हो सकता | कोई premature closure allowed नहीं |
| 1-3 साल के बीच | 2% मूलधन पर | ₹9 लाख पर ₹18,000 कटेगा |
| 3-5 साल के बीच | 1% मूलधन पर | ₹9 लाख पर ₹9,000 कटेगा |
| 5 साल पूरे | कोई penalty नहीं | पूरा मूलधन वापस |
Example: ₹5 लाख का खाता 2 साल बाद बंद किया, तो 2% यानी ₹10,000 कटकर ₹4,90,000 वापस मिलेगा (मिला हुआ ब्याज अलग)।
मृत्यु की स्थिति में: खाताधारक की मृत्यु पर खाता बिना penalty बंद किया जा सकता है — पूरा पैसा nominee या legal heir को मिलता है, refund वाले महीने से पिछले महीने तक का ब्याज समेत।
टैक्स के नियम समझिए
MIS में टैक्स के तीन पहलू हैं — तीनों समझ लीजिए:
1. 80C deduction: नहीं मिलती। MIS में जमा रकम पर Section 80C की कोई छूट नहीं है — ये SCSS और PPF से बड़ा फर्क है।
2. ब्याज पर टैक्स: MIS का monthly ब्याज पूरी तरह taxable है — "Income from other sources" के तहत, आपके tax slab के हिसाब से।
3. TDS: 1 अप्रैल 2025 से (Budget 2025) — अगर एक financial year में post office/bank deposits का कुल ब्याज ₹50,000 से ज़्यादा हो (आम नागरिक) या ₹1 लाख से ज़्यादा हो (60+ senior citizen), तो 10% TDS कटेगा।
गणित लगाइए: ₹9 लाख single MIS पर सालाना ब्याज ₹66,600 बनता है। अगर आप 60 से कम उम्र के हैं, तो ₹50,000 की सीमा पार हो गई — TDS कटेगा। पर 60+ senior हैं तो ₹1 लाख की सीमा के अंदर हैं — कोई TDS नहीं।
TDS से बचने का तरीका — Form 15G/15H: अगर आपकी कुल income taxable limit से कम है, तो हर financial year की शुरुआत में post office में Form 15G (60 से कम उम्र) या Form 15H (60+) जमा कर दें — TDS नहीं कटेगा।
एक राहत — 80TTB: 60+ senior citizens को post office/bank interest पर ₹1 लाख तक की deduction मिलती है (Budget 2025 में ₹50,000 से दोगुनी)। MIS का ब्याज भी इसमें cover होता है — old regime में।
MIS vs SCSS vs Bank FD — कौन बेहतर?
सबसे common confusion — तीनों में क्या चुनें?
| MIS | SCSS | Bank FD (Senior) | |
|---|---|---|---|
| ब्याज दर | 7.4% | 8.2% | 7.5-8.0% |
| Payout | हर महीने | हर तिमाही | Monthly/quarterly option |
| Age limit | कोई नहीं | 60+ (55 VRS) | कोई नहीं |
| अधिकतम | ₹9L single / ₹15L joint | ₹30L | कोई सीमा नहीं |
| अवधि | 5 साल (extend नहीं) | 5+3 साल extend | Flexible |
| 80C | नहीं | हां | सिर्फ tax-saver FD |
| गारंटी | Sovereign | Sovereign | ₹5L तक DICGC |
निचोड़:
- हर महीने पक्की आमदनी चाहिए और उम्र 60 से कम है → MIS best है (SCSS तो खोल ही नहीं सकते)।
- 60+ हैं और maximum return चाहिए → SCSS (8.2%, तिमाही payout)।
- ₹15 लाख से ज़्यादा रकम है → बाकी पैसा bank FD में।
- Monthly payout की आदत (salary जैसी) चाहिए → MIS का कोई मुकाबला नहीं।
Double engine strategy: आमदनी को और बढ़ाइए
MIS का monthly payout अगर हर महीने खर्च न करके reinvest किया जाए, तो 5 साल में काफी extra बनता है। ये strategy top articles में आपको नहीं मिलेगी:
- Step 1: MIS में ₹9 लाख डालें — हर महीने ₹5,550 आएगा।
- Step 2: हर महीने के ₹5,550 को post office की 5-year RD (6.7% ब्याज) में डालते जाएं।
- Step 3: 5 साल बाद — MIS से ₹3,33,000 ब्याज + मूलधन ₹9 लाख वापस, और RD में करीब ₹3.9 लाख जमा (ब्याज समेत)।
बिना RD के 5 साल में हाथ में आता ₹12,33,000। RD वाली strategy से करीब ₹12,90,000 — यानी ₹57,000 extra, बिना कोई extra risk लिए। RD account MIS वाले post office में ही खुल जाता है, और monthly payout का auto-transfer भी लगवाया जा सकता है।
Family strategy: पति-पत्नी दोनों अपने-अपने नाम पर ₹9-9 लाख के single MIS खोलें — परिवार में ₹18 लाख पर हर महीने ₹11,100 की पक्की आमदनी। और 10 साल से ऊपर के बच्चों के नाम पर अलग minor account भी खोला जा सकता है (guardian के तौर पर, अलग limit में)। 4 सदस्य वाला परिवार इस तरह ₹36 लाख तक MIS में रखकर ₹22,200 महीना बना सकता है — पूरी तरह sovereign guarantee के साथ।
ये 5 गलतियां मत करना
- Auto-credit न लगवाना: Monthly ब्याज MIS account में पड़ा रहा तो उस पर एक रुपया extra नहीं मिलेगा। पहले दिन ही savings account में auto-credit लगवाएं।
- Maturity date भूल जाना: 5 साल बाद खाता extend नहीं होता — भूल गए तो 7.4% की जगह सिर्फ 4% मिलेगा। Reminder ज़रूर लगाएं।
- सीमा से ज़्यादा जमा करना: ₹9 लाख की कुल सीमा पार हुई तो extra पैसा refund होगा, और तब तक सिर्फ 4% ब्याज। Joint share का हिसाब भी रखें।
- 80C की उम्मीद रखना: MIS deposit पर कोई 80C deduction नहीं मिलती — tax planning में इसका ध्यान रखें।
- 1 साल से पहले निकालने की सोचना: पहले साल में premature closure allowed ही नहीं है — emergency fund हमेशा अलग रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पोस्ट ऑफिस MIS में ब्याज दर कितनी है?
7.4% सालाना (अक्टूबर-दिसंबर 2026 quarter)। सरकार हर तिमाही दर review करती है — ये दर कई तिमाहियों से स्थिर है।
MIS में हर महीने कितना पैसा मिलता है?
जमा रकम × 7.4 ÷ 1200। ₹9 लाख single पर ₹5,550 महीना, ₹15 लाख joint पर ₹9,250 महीना।
MIS खाता कौन खोल सकता है?
18+ का कोई भी भारतीय नागरिक (single), 2-3 adults मिलकर (joint), 10+ का minor अपने नाम पर, और छोटे बच्चे के लिए guardian। कोई upper age limit नहीं — SCSS जैसा 60+ का बंधन नहीं है।
क्या MIS 5 साल बाद आगे बढ़ा सकते हैं?
नहीं — MIS extend नहीं होता। 5 साल बाद खाता बंद करके चाहें तो नया MIS खोल सकते हैं। भूल गए तो रकम पर सिर्फ 4% savings ब्याज मिलेगा।
क्या MIS में टैक्स छूट मिलती है?
जमा पर कोई 80C deduction नहीं मिलती। Monthly ब्याज पूरी तरह taxable है (slab rate)। पर 60+ seniors को 80TTB में ₹1 लाख तक deduction मिलती है, और TDS ₹1 लाख सालाना ब्याज के बाद ही कटता है।
समय से पहले MIS बंद कर सकते हैं क्या?
1 साल से पहले बिल्कुल नहीं। 1-3 साल में 2% penalty, 3-5 साल में 1% penalty। 5 साल पूरे होने पर कोई penalty नहीं।
आधिकारिक स्रोत
- India Post — Monthly Income Scheme: https://www.indiapost.gov.in/
- National Savings Institute: https://www.nsiindia.gov.in/
- Department of Economic Affairs (small savings rates): https://dea.gov.in/
- Income Tax Department: https://www.incometaxindia.gov.in/
- Press Information Bureau: https://www.pib.gov.in/
- भारत सरकार पोर्टल: https://www.india.gov.in/


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