पेंशन योजनाओं के बदल गए नाम: PM Samajik Sahayata Yojana में किसे कितना मिलेगा
उत्तर प्रदेश के 72 साल के रामसेवक जी को पिछले हफ्ते गांव में किसी ने बताया — "अब इंदिरा गांधी पेंशन योजना का नाम बदल गया है।" रामसेवक जी घबरा गए। 12 साल से उन्हें हर महीने वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। सवाल मन में आया — क्या पेंशन बंद हो जाएगी? क्या दोबारा आवेदन करना पड़ेगा? अगर आपके घर में भी कोई बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांगजन इस योजना से जुड़ा है, तो ये लेख आपके लिए है।
14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फैसला लिया — National Social Assistance Programme (NSAP) का नाम बदलकर "प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना" (Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana) कर दिया गया। साथ में दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता और राशि में बड़े बदलाव किए गए। इस लेख में जानिए — कौन सी योजना का क्या नया नाम हुआ, किसे कितनी पेंशन मिलेगी, और आपको क्या करना है।
इस लेख में:
- NSAP क्या है? 1995 से चल रही योजना
- Cabinet का फैसला: एक नज़र में
- पुराना नाम → नया नाम: पूरी list
- दिव्यांगजन पेंशन में सबसे बड़े बदलाव
- वृद्धावस्था पेंशन: कितनी मिलेगी?
- विधवा पेंशन: कितनी मिलेगी?
- परिवार लाभ योजना: ₹20,000 एकमुश्त
- अन्नपूर्णा योजना भी जारी
- आवेदन कैसे करें? आपको क्या करना है?
- 5 बातें जो हर लाभार्थी को जाननी चाहिए
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आखिरी सलाह
- आधिकारिक स्रोत
NSAP क्या है? 1995 से चल रही योजना
नाम बदलने की खबर समझने से पहले ये जान लीजिए कि NSAP है क्या। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था — यानी इसे चलते 31 साल हो चुके हैं। इसका मकसद संविधान के अनुच्छेद 41 के तहत गरीब परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और कमाने वाले की मृत्यु पर परिवारों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा देना है।
इसकी सबसे खास बात: इसमें 100% केंद्रीय सहायता मिलती है — यानी पेंशन का केंद्रीय हिस्सा सीधे केंद्र सरकार देती है, ताकि देश भर में लाभार्थियों को एक समान मदद मिले। राज्य सरकारें इसके ऊपर अपना हिस्सा जोड़ती हैं, इसलिए हर राज्य में कुल पेंशन की राशि अलग-अलग होती है।
Cabinet का फैसला: एक नज़र में
14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्ताव पर NSAP को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का कुल बजट तय किया गया है।
सरकार के मुताबिक इस फैसले से 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस को इस फैसले की जानकारी दी।
सबसे बड़ी बात: ये सिर्फ नाम बदलने का फैसला नहीं है। दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनसे लाभार्थियों की संख्या 8.33 लाख से बढ़कर 27 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
पुराना नाम → नया नाम: पूरी list
NSAP के तहत चलने वाली सभी योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं। पुराने नाम में "इंदिरा गांधी" उपसर्ग था, जिसकी जगह अब "प्रधानमंत्री" कर दिया गया है:
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| National Social Assistance Programme (NSAP) | Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana (प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना) |
| Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme (IGNOAPS) | Pradhan Mantri Vridhavastha Pension Yojana (प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना) |
| Indira Gandhi National Widow Pension Scheme (IGNWPS) | Pradhan Mantri Vidhawa Pension Yojana (प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना) |
| Indira Gandhi National Disability Pension Scheme (IGNDPS) | Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana (प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना) |
| National Family Benefit Scheme (NFBS) | Pradhan Mantri Parivar Labh Yojana (प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना) |
रामसेवक जी जैसे पुराने लाभार्थियों के लिए सबसे ज़रूरी बात: नाम बदलने से आपकी पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो पेंशन मिल रही थी, वो मिलती रहेगी — बस योजना का नाम नया होगा।
दिव्यांगजन पेंशन में सबसे बड़े बदलाव
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा दिव्यांगजनों को मिलने वाला है। तीन बड़े बदलाव किए गए हैं:
1. पेंशन की राशि बढ़ी: पहले 18-79 साल के दिव्यांगजनों को ₹300 महीना मिलता था, अब ₹375 महीना मिलेगा। 80 साल से ऊपर के लाभार्थियों को पहले ₹500 मिलता था, अब ₹625 महीना मिलेगा। यानी 25% की सीधी बढ़ोतरी।
2. दिव्यांगता की सीमा घटी: पहले पेंशन के लिए 80% या उससे ज़्यादा दिव्यांगता ज़रूरी थी। अब 40% बेंचमार्क दिव्यांगता वाले भी पेंशन पा सकेंगे। इसका मतलब है कि लाखों ऐसे दिव्यांगजन जो पहले "कम दिव्यांगता" के कारण बाहर थे, अब योजना के दायरे में आ जाएंगे।
3. उम्र की शर्त खत्म: पहले दिव्यांगजन पेंशन के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल थी। अब जन्म से ही पात्रता होगी — यानी दिव्यांग बच्चे के माता-पिता उसके जन्म के बाद से ही पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
सरकार के मुताबिक इन बदलावों के बाद दिव्यांगजन पेंशन के लाभार्थी 8.33 लाख से बढ़कर 27 लाख हो जाएंगे — तीन गुना से ज़्यादा।
एक ज़रूरी बात: सरकार ने कहा है कि संशोधित पात्रता, लाभार्थी संख्या और सहायता दरों से जुड़े दिशानिर्देश (guidelines) तीन महीने के अंदर जारी किए जाएंगे। यानी नई दरें और नए नियम guidelines आने के बाद ही लागू होंगे। तब तक पुराने नियम ही चलेंगे।
वृद्धावस्था पेंशन: कितनी मिलेगी?
प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना (पहले IGNOAPS) अपने मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेगी — राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
| उम्र | केंद्र की पेंशन (महीना) |
|---|---|
| 60 से 79 साल | ₹200 |
| 80 साल से ऊपर | ₹500 |
पात्रता: 60 साल या उससे ऊपर की उम्र, और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार से होना।
यहां एक बात समझ लीजिए जो बहुत कम लोग बताते हैं: ₹200/₹500 सिर्फ केंद्र का हिस्सा है। राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि जोड़ती हैं। जैसे आंध्र प्रदेश में कुल पेंशन ₹4,000 महीना मिलती है — ₹200 केंद्र से और ₹3,800 राज्य से। आपके राज्य में कुल कितनी पेंशन मिलती है, ये राज्य सरकार की नीति पर निर्भर करता है।
विधवा पेंशन: कितनी मिलेगी?
प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना (पहले IGNWPS) भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी:
| उम्र | केंद्र की पेंशन (महीना) |
|---|---|
| 40 से 79 साल | ₹300 |
| 80 साल से ऊपर | ₹500 |
पात्रता: 40 साल या उससे ऊपर की विधवा, BPL परिवार से। राज्य सरकारें इसमें अपना हिस्सा जोड़ती हैं — जैसे आंध्र प्रदेश में कुल ₹4,000 महीना मिलता है।
परिवार लाभ योजना: ₹20,000 एकमुश्त
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना (पहले NFBS) के तहत अगर BPL परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य (18-59 साल) की मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को ₹20,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है। ये राशि परिवार को अचानक आई आर्थिक मुसीबत से उबरने में मदद के लिए दी जाती है। इसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अन्नपूर्णा योजना भी जारी
NSAP की पांचवीं कड़ी अन्नपूर्णा योजना भी अपने मौजूदा रूप में चलती रहेगी। इसके तहत उन बुजुर्गों को हर महीने 10 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है जो वृद्धावस्था पेंशन के पात्र तो हैं, पर किसी कारण से पेंशन नहीं पा रहे हैं।
आवेदन कैसे करें? आपको क्या करना है?
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य पहले से इन योजनाओं का लाभ ले रहा है, तो आपको कुछ नहीं करना है। नाम बदलने से आपकी पेंशन, खाता या प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पैसा पहले की तरह DBT से सीधे आपके बैंक खाते में आता रहेगा।
अगर आप नया आवेदन करना चाहते हैं, तो प्रक्रिया पहले जैसी ही है:
- अपने जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी या ग्राम पंचायत/नगर निकाय कार्यालय से संपर्क करें
- BPL सूची/राशन कार्ड, आधार कार्ड, उम्र का प्रमाण और बैंक खाते की जानकारी लेकर जाएं
- संबंधित योजना का आवेदन फॉर्म भरें — दिव्यांगजन पेंशन के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र ज़रूरी है
- सत्यापन के बाद पेंशन DBT से बैंक खाते में आनी शुरू हो जाती है
दिव्यांगजन पेंशन के नए नियमों (40% दिव्यांगता, जन्म से पात्रता, बढ़ी हुई राशि) के लिए आवेदन guidelines जारी होने के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे — सरकार ने इसके लिए तीन महीने का समय दिया है।
5 बातें जो हर लाभार्थी को जाननी चाहिए
- पुराने लाभार्थियों को दोबारा आवेदन नहीं करना है — नाम बदलने से पेंशन जारी रहेगी।
- नई दिव्यांगजन दरें तुरंत लागू नहीं होंगी — पहले तीन महीने में guidelines आएंगे, उसके बाद ही ₹375/₹625 मिलना शुरू होगा।
- केंद्र की राशि छोटी दिख सकती है, पर राज्य जोड़ता है — अपने राज्य की कुल पेंशन राशि जिला कार्यालय से ज़रूर पूछें।
- 40% दिव्यांगता वालों के लिए ये सुनहरा मौका है — पहले 80% की शर्त के कारण बाहर थे, अब guidelines के बाद आवेदन कर सकेंगे।
- फर्जी खबरों से बचें — "पेंशन दोगुनी हो गई" या "सबको ₹5000 मिलेंगे" जैसे दावे झूठे हैं। सही जानकारी सिर्फ pib.gov.in या जिला समाज कल्याण कार्यालय से लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NSAP का नया नाम क्या है?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नया नाम "प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना" (Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana) है। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसकी मंजूरी दी।
क्या वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की राशि बढ़ी है?
नहीं। वृद्धावस्था पेंशन (₹200/₹500) और विधवा पेंशन (₹300/₹500) अपने मौजूदा रूप में ही जारी रहेंगी। बढ़ोतरी सिर्फ दिव्यांगजन पेंशन में हुई है — ₹300 से ₹375 और ₹500 से ₹625।
दिव्यांगजन पेंशन के लिए अब कितनी दिव्यांगता चाहिए?
अब 40% बेंचमार्क दिव्यांगता ही काफी होगी — पहले 80% ज़रूरी थी। साथ ही न्यूनतम 18 साल की उम्र की शर्त भी हटा दी गई है; अब जन्म से ही पात्रता होगी।
क्या दिव्यांग बच्चे को भी पेंशन मिलेगी?
हां। उम्र की शर्त हटने के बाद दिव्यांग बच्चे के माता-पिता उसके लिए आवेदन कर सकेंगे। लेकिन ये सुविधा सरकार के guidelines जारी होने (तीन महीने के अंदर) के बाद ही शुरू होगी।
PM Samajik Sahayata Yojana में आवेदन कैसे करें?
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय या ग्राम पंचायत/नगर निकाय से संपर्क करें। BPL प्रमाण, आधार, उम्र प्रमाण और बैंक खाता लेकर जाएं। पुराने लाभार्थियों को दोबारा आवेदन नहीं करना है।
नए दिव्यांगजन पेंशन rates कब से मिलेंगे?
सरकार ने कहा है कि संशोधित नियमों के guidelines तीन महीने के अंदर जारी किए जाएंगे। नई दरें (₹375/₹625) इन्हीं guidelines के बाद लागू होंगी।
आखिरी सलाह
रामसेवक जी की घबराहट बेवजह थी — नाम बदलने से पेंशन नहीं रुकती। लेकिन दिव्यांगजन परिवारों के लिए ये फैसला सच में बड़ी राहत है: 40% दिव्यांगता की शर्त और जन्म से पात्रता से लाखों नए लोग जुड़ेंगे। अगर आपके आस-पास कोई ऐसा दिव्यांगजन है जो पहले 80% की शर्त के कारण बाहर था, तो उसे ये खबर ज़रूर बताएं — guidelines आते ही वो आवेदन कर सकेगा।
एक बात हमेशा याद रखें: योजना के नियम समय-समय पर बदलते हैं — कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक स्रोतों पर latest जानकारी verify कर लें।
आधिकारिक स्रोत
- Press Information Bureau (PIB): https://www.pib.gov.in/ (14 अक्टूबर 2026 की कैबिनेट प्रेस विज्ञप्ति)
- NSAP Portal — ग्रामीण विकास मंत्रालय: https://nsap.nic.in/
- ग्रामीण विकास मंत्रालय: https://rural.gov.in/
- भारत सरकार पोर्टल: https://www.india.gov.in/


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